ऑनलाइन क्लास के फायदे और नुकसान
आज का युग है डिजिटल हैं, समय की मांग है कि
हम सभी को आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल आना चाहिए।
सभी को कंप्यूटर, मोबाइल, लैपटॉप ,टेब स्मार्टफोन आदि का इस्तेमाल करना आना ही चाहिए । भारत देश ने सब से पहले गणना शुरुआत की थी, यही के खगोलशास्त्री आर्यभट्ट ने इस का अविष्कार किया था। भारत ने शून्य व दशमलव दुनियां को दिया, १९ सदी से ही कम्पूयटर का प्रयोग होने लगा था।
इक्कसवीं सदी में प्रवेश करने वाले बच्चे पहले से ही एस्माट हैं, भारत में मोबाइल का इस्तेमाल बहुत बड़ी जनंख्या करती है। यहां के बच्चे जन्म से ही तकनीक व स्मार्टफोन सीख कर आ रहे हैं।
हम जिस विषय की बात कर रहे है, वह ऑनलाइन क्लास की है। हम जिस रहस्यमयी बीमारी के कारण घरों में बन्द है, करोना नामक बीमारी ने हमें असाहय कर दिया। जिससे उभरने के लिए कुछ तो करना ही होगा।
इस पीढ़ी को यह पहली बार, ऐसी आपदा से जूझना पड़ रहा है। बच्चों का पड़ाई का सेसन अप्रैल से शुरू हो जाता है। एक से डेढ़ महीने की पढ़ाई हो चुकी होती है, आपदा के कारण हमें बच्चों की शिक्षा को ऑनलाइन क्लास की शुरुआत करनी पड़ी है। जिस से विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुक़सान न हो, उनका सिलेबस पीछे न हो ओर बच्चों को भी घर में ही पढ़ाई करने का मौका मिल गया है ।
ऑनलाइन क्लास बहुत बढ़िया तकनीक है ,आने वाले समय में इसी तरह की शिक्षा प्राप्त की जा सकती हैं। हम इसके लिए बहुत अच्छी तरह से तैयार नहीं है ,यह तकनीक सब के पास उपलब्ध नहीं हैं। फिर भी सरकार कुछ कर के विदयार्थियों को सामग्री पहुंचा रही है , इस के लिए शिक्षा मंत्रालय ने अपना एक ऐप उपलब्ध कराया है। जिसेसे सब को शिक्षा की सारी सामग्री पहुंचा जा सके।
सभी स्कूलों को सूचना दी गई है कि स्कूल ऑनलाइन क्लास ले, ऑनलाइन क्लास स्कूल शुरू कर चुके हैं।
ऑनलाइन समस्या
कुछ स्कूल तो अच्छी तरह से करवा पा रहे है मगर कुछ स्कूलों बहुत दिक्कत हो रही है, उनके पास वाईफाई उपलब्ध नहीं है , किसी के पास लैपटॉप,कंप्यूटर ओर स्मार्टफोन नहीं है। अधिकतर सरकारी स्कूलों में ये परेशानी हो रही है।
जो स्कूल करवा रहे हैं ,वह भी दो या तीन ही विषय ही पढ़ा रहे हैं। बच्चो को कुछ समझ आ रहा है, तो कुछ नहीं समझ आ रहा है, कही वाईफाई स्पीड कम होने के कारण वीडियो डाउनलोड करने में दिक्कत आ रही है।
गरीब वर्ग के पास वाईफाई उपलब्ध नहीं है, निम्न मध्यम वर्ग के लिए भी इतना सारा डाटा लेना मुश्किल है। जो प्रायमरी व मीडिल स्कूलों के बच्चों को पढ़ना मुश्किल हो रहा है कि वह लैपटॉप या मोबाइल पर अपना पूरा ध्यान नहीं दे रहे हैं। बच्चों के आंखो को भी नुक़सान दे रहा है,
ओर उनका ध्यान खेलने में चला जा रहा है।
शिक्षकों के लिए भी ये अनुभव नया है, शिक्षकों को भी ऑनलाइन क्लास लेने में दिक्कत हो रही है, कुछ बच्चे ऑनलाइन क्लास अटेंड नहीं करते हैं तो कुछ उनके साथ शरारत है।
एक नया मामला देखने को मिला है कि महिला शिक्षकों को अश्लील मैसेज भेज रहे हैं,भद्दे कमेंट कर रहे हैं ।इस समस्या पर भी संज्ञान लिया गया है।
डिजिटल की ओर अग्रसर
इस नये युग में हम आगे बढ़ ते रहना चाहिए, वरना हम पीछे रह जायेगे, दुनियां आगे निकल जाएगी। हमें आगे की ओर देखना चाहिए, कठिनाइयां आती है,उसे पार करते रहना चाहिए। आने वाले समय में आधुनिक तकनीक का ही इस्तेमाल करना पड़ेगा। इसलिए अब कठिनाई को दूर कर ऑनलाइन क्लास चलते रहना होगा।
वैसे भी कॉम्पटेटिव परीक्षा ऑनलाइन तो होने लगी है, निजी कोचिंग संस्थान ऑनलाइन क्लास लेते हैं,तो सरकारी स्कूलों ओर अन्य संस्थाओं को भी ऑनलाइन क्लास लेते रहना चाहिए।
इतनी बड़ी आपदा मै अपने बच्चों की सुरक्षा पहले होनी चाहिए,वह देश के भविष्य है।
निष्कर्ष
ज्ञान कही से भी प्राप्त हो, जहां से मिले वही से ज्ञान का प्रकाश वहां से लें लेना चाहिए।
